अध्यात्म ईश्वर को नहीं स्वयं को पाने की स्थिति है। यह स्थिति तब प्राप्त होती है जब आप धर्म,कर्मकांड और ईश्वर से मुक्ति पाते हो ! - मंजुल भारद्वाज !

अध्यात्म

ईश्वर को नहीं स्वयं को पाने की स्थिति है। 

यह स्थिति तब प्राप्त होती है 

जब आप धर्म,कर्मकांड और 

ईश्वर से मुक्ति पाते हो !

- मंजुल भारद्वाज !


अध्यात्म ईश्वर को नहीं स्वयं को पाने की स्थिति है।  यह स्थिति तब प्राप्त होती है  जब आप धर्म,कर्मकांड और  ईश्वर से मुक्ति पाते हो !  - मंजुल भारद्वाज !


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