गुणगान करने और गुणों को धारण करने में अंतर है। समाज गुणगान ज़्यादा करता है और गुणों को धारण कम ! जिस घड़ी समाज गुणों को धारण ज़्यादा करेगा उस दिन व्यवस्था न्याय संगत बनेगी ! - मंजुल भारद्वाज on July 28, 2026 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps गुणगान करने और गुणों को धारण करने में अंतर है। समाज गुणगान ज़्यादा करता है और गुणों को धारण कम !जिस घड़ी समाज गुणों को धारण ज़्यादा करेगा उस दिन व्यवस्था न्याय संगत बनेगी !- मंजुल भारद्वाज Comments
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