कला वो चैतन्य है जो मनुष्य के DNA में ब्रह्मांडीय सहअस्तित्व और विविध स्वरूप के जीवन मूल्यों की नक्काशी करती है ! - मंजुल भारद्वाज

 कला वो चैतन्य है जो मनुष्य के DNA में ब्रह्मांडीय 
सहअस्तित्व और  विविध  स्वरूप के जीवन मूल्यों की
नक्काशी  करती है ! 
 - मंजुल भारद्वाज
कला वो चैतन्य है जो मनुष्य के DNA में ब्रह्मांडीय सहअस्तित्व और  विविध  स्वरूप के जीवन मूल्यों की नक्काशी  करती है !  - मंजुल भारद्वाज


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