प्रकृति का नियम है हर तत्व अपना रूप, रंग, आकार ले निराकार होता है! चंद अपने चेतनात्मक कर्म से स्वयं प्रकृति बन प्रकृति के नियम को चुनौती दे जीवन को प्रेरित कर प्रकृति बन जाते हैं! मंजुल भारद्वाज

 

प्रकृति का नियम है हर तत्व अपना रूप, रंग, आकार ले निराकार होता है! चंद अपने चेतनात्मक कर्म से स्वयं प्रकृति बन प्रकृति के नियम को चुनौती दे जीवन को प्रेरित कर प्रकृति बन जाते हैं! मंजुल भारद्वाज

प्रकृति का नियम है हर तत्व अपना रूप, रंग, आकार ले निराकार होता है!
चंद अपने चेतनात्मक कर्म से स्वयं प्रकृति बन प्रकृति के नियम को चुनौती दे जीवन को प्रेरित कर प्रकृति बन जाते हैं!
- मंजुल भारद्वाज


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