अंधेरों को चीरकर निकलता हूँ मैं सूर्य हूँ कभी अस्त नहीं होता ! - मंजुल भारद्वाज

 अंधेरों को चीरकर निकलता हूँ मैं सूर्य हूँ कभी अस्त नहीं होता ! 

- मंजुल भारद्वाज

अंधेरों को चीरकर निकलता हूँ मैं सूर्य हूँ कभी अस्त नहीं होता ! - मंजुल भारद्वाज


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