साहित्यकार, कवि,पत्रकार और रंगकर्मी सांस्कृतिक क्रांति नहीं सिर्फ रोजगार चाहते हैं !

 साहित्यकार, कवि,पत्रकार और रंगकर्मी 
सांस्कृतिक क्रांति नहीं सिर्फ रोजगार चाहते हैं !

- मंजुल भारद्वाज





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