मनोरोगी जब सत्ता आसीन हो जाएँ तो इसका अर्थ है साहित्य, रंगमंच, कला और संस्कृति का रसातल में चले जाना ! - मंजुल भारद्वाज

 मनोरोगी जब सत्ता आसीन हो जाएँ तो इसका अर्थ है साहित्य, रंगमंच, कला और संस्कृति का रसातल में चले जाना ! - मंजुल भारद्वाज 



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