विविधता ही कला है सार्थकता उसका सौंदर्यशास्त्र ! - मंजुल भारद्वाज


विविधता ही कला है सार्थकता उसका सौंदर्यशास्त्र !  - मंजुल भारद्वाज

विविधता ही कला है सार्थकता उसका सौंदर्यशास्त्र !  - मंजुल भारद्वाज


 विविधता ही कला है
सार्थकता उसका सौंदर्यशास्त्र ! 

- मंजुल भारद्वाज 

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