"कला वो जो ' कला ' भाव जगाये जो विचार को शुद्धिकरण के लिए उत्प्रेरित करे.. बाकी सब कला के नाम पर भोगवाद का बाजार है " - मंजुल भारद्वाज

 



"कला वो जो ' कला ' भाव जगाये जो विचार को शुद्धिकरण के लिए उत्प्रेरित करे.. बाकी सब कला के नाम पर भोगवाद का बाजार है "

- मंजुल भारद्वाज 

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